Description

रुपए की समस्या उद्भव और समाधान Dr Ambedkar
₹330.00
Page; 303
Language ; Hindi
Prakashan ; samyak Prakashn
रुपए की समस्या: इसका उद्भव और समाधान” (The Problem of the Rupee: Its Origin and Its Solution) डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा लिखित एक ऐतिहासिक और अर्थशास्त्रीय कृति है। यह मूल रूप से लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) में प्रस्तुत किया गया उनका डॉक्टरेट (D.Sc.) शोध प्रबंध (Thesis) था, जिसे 1923 में पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया। ब्रिटिश काल में भारतीय अर्थव्यवस्था: इस पुस्तक में 1800 से 1920 के बीच भारतीय मुद्रा (रुपए) के इतिहास, स्वर्ण मान (Gold Standard) और विनिमय दरों में हुए परिवर्तनों का गहन विश्लेषण किया गया है।
रॉयल कमीशन पर प्रभाव: 1926 में गठित हिल्टन यंग कमीशन (Royal Commission on Indian Currency and Finance) के समक्ष डॉ. अंबेडकर के विचारों और इस पुस्तक में प्रस्तुत तर्कों का गहरा प्रभाव पड़ा।
RBI का गठन: इसी हिल्टन यंग कमीशन की सिफारिशों के आधार पर 1935 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की स्थापना हुई। डॉ. अंबेडकर के मौद्रिक सिद्धांतों ने भारत के केंद्रीय बैंक की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई।

रुपए की समस्या उद्भव और समाधान Dr Ambedkar
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