Description
सतनाम सिंह द्वारा लिखित पुस्तक ‘कोरी समाज का गौरव: झलकारी बाई’ (Kori Samaj ki Gaurav Jhalkari Bai) 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महान दलित वीरांगना झलकारी बाई के जीवन, उनके शौर्य और ऐतिहासिक योगदान पर आधारित एक महत्वपूर्ण कृति है।
पुस्तक में 1857 की क्रांति और वीरांगना झलकारी बाई की जीवनी उपलब्ध है।
यह पुस्तक 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई की सेना (दुर्गा दल) की प्रमुख सेनापति झलकारी बाई के अदम्य साहस को रेखांकित करती है।
इसमें दर्शाया गया है कि किस प्रकार झलकारी बाई ने रानी लक्ष्मीबाई के समान रूप-रंग और भेष धारण कर अंग्रेजों को भ्रमित किया, जिससे रानी लक्ष्मीबाई सुरक्षित रूप से झाँसी के किले से निकल सकीं।
लेखक ने मुख्यधारा के इतिहास में उपेक्षित रहे दलित व कोरी समाज के ऐतिहासिक योगदान और झलकारी बाई की अमर गाथा को बहुजन/दलित परिप्रेक्ष्य में सहेजने का कार्य किया है।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो 1857 की क्रांति के गुमनाम नायकों और दलित इतिहास के बारे में प्रामाणिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं।






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