Description
मधुकर पिपलियन (Madhukar Piplayan) द्वारा लिखित “तिपिटक परिचय” (Tripitak Parichay) हिंदी साहित्य में बौद्ध दर्शन और पालि ग्रंथों को समझने के लिए एक अत्यंत उपयोगी और सरल पुस्तक है। इसका प्रकाशन सम्यक प्रकाशन द्वारा किया गया है।
यह पुस्तक उन पाठकों और शोधार्थियों के लिए तैयार की गई है जो विशाल बौद्ध साहित्य (त्रिपिटक) का अध्ययन बिना जटिलता के एक ही स्थान पर करना चाहते हैं।
बुद्ध उपदेशों का संग्रह विशाल पालि साहित्य में फैला हुआ है। इस पुस्तक में त्रिपिटक के तीनों मुख्य भागों का संक्षिप्त और स्पष्ट विवरण दिया गया है:
विनय पिटक: भिक्षु और भिक्षुणियों के संघ-नियम और आचार-संहिता की व्याख्या।
सुत्त पिटक: भगवान बुद्ध के सिद्धांत, धर्मोपदेश और संवाद (जैसे दीघ निकाय, धम्मपद आदि का परिचय)।
अभिधम्म पिटक: बौद्ध दर्शन, मनोविज्ञान और तत्त्वज्ञान का गहन विश्लेषणात्मक विवरण।
पुस्तक में यह भी समझाया गया है कि बौद्ध संगीतियों के माध्यम से त्रिपिटक का संकलन किस प्रकार हुआ और पालि भाषा का इसमें क्या महत्त्व है।
पालि साहित्य के क्लिष्ट शब्दों को हिंदी भाषा में बेहद सरल और सुबोध रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे यह सामान्य जिज्ञासुओं के लिए भी पठनीय बन जाती है।
यह पुस्तक विशेष रूप से उन लोगों के लिए एक मार्गदर्शिका (Guidebook) की तरह काम करती है जो बौद्ध धर्म, इतिहास, पाली भाषा और दर्शन की शुरुआत कर रहे हैं।






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