Description
‘बौद्ध संस्कृति’ महापंडित राहुल सांकृत्यायन द्वारा रचित एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक शोध ग्रंथ है। इस पुस्तक में उन्होंने बौद्ध धर्म के दार्शनिक पक्षों के साथ-साथ उसके व्यापक सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक प्रभाव का विस्तृत विवेचन किया है।
राहुल सांकृत्यायन जी ने इस पुस्तक में स्पष्ट किया है कि भारतीय संस्कृति किस प्रकार बौद्ध धर्म के माध्यम से देश की सीमाओं से बाहर—तिब्बत, श्रीलंका, मध्य एशिया, इंडोनेशिया, चीन आदि देशों तक फैली।
पुस्तक में बौद्ध धर्म की मूल शिक्षाओं, आर्य सत्यों, अनात्मवाद, प्रतीत्यसमुत्पाद तथा भिक्षु संघ की जीवन शैली और नियमों की विवेचना की गई है।
बौद्ध धर्म ने पाली, प्राकृत और अपभ्रंश जैसी लोकभाषाओं के विकास में जो योगदान दिया, उसका प्रामाणिक विवरण पुस्तक में मिलता है।
राहुल जी ने स्वयं तिब्बत, श्रीलंका और अन्य देशों की कठिन यात्राएं कीं और दुर्लभ बौद्ध ग्रंथों तथा पांडुलिपियों का गहन अध्ययन किया। यह पुस्तक उनके वर्षों के शोध, यात्रा-अनुभवों और प्रामाणिक ऐतिहासिक दृष्टिकोण का परिणाम है।यह पुस्तक केवल बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, संस्कृति, दर्शन और समाजशास्त्र के अध्येताओं एवं शोधकर्ताओं के लिए एक अत्यंत प्रामाणिक और संग्रहणीय ग्रंथ मानी जाती है।






Ruturaj –
Amazing
admin –
thanks