Description
बाबासाहेब क्या चाहते थे? डॉ. देवी सिंह द्वारा लिखित एक वैचारिक और सामाजिक पुस्तक है।
इस पुस्तक में डॉ. बी. आर. आंबेडकर (बाबासाहेब) के मूल विचारों, उनके जीवन दर्शन, सामाजिक न्याय की दृष्टि और एक समतामूलक समाज के निर्माण को लेकर उनकी सोच का सरलीकृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
बाबासाहेब समाज से जातिवाद, छुआछूत और गैर-बराबरी को समाप्त करके एक ऐसा समाज बनाना चाहते थे जहाँ स्वतंत्रता, समता और बंधुता (Liberty, Equality, Fraternity) का राज हो।
पुस्तक में इस बात पर जोर दिया गया है कि बाबासाहेब बहुजन और वंचित समाज को शिक्षित, संगठित और संघर्षशील देखना चाहते थे।
बाबासाहेब केवल राजनीतिक लोकतंत्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र की स्थापना चाहते थे, ताकि देश के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार पहुँच सकें।
समाज निर्माण और राष्ट्र के विकास में महिलाओं की बराबरी और उनके कानूनी अधिकारों (जैसे हिंदू कोड बिल) को लेकर बाबासाहेब की सोच का इस पुस्तक में वर्णन है।
यह पुस्तक आंबेडकरवादी विचारधारा, उनके मिशन और स्वतंत्र भारत के लिए उनके विज़न को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण कृति मानी जाती है।






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