Description
बी. आर. सांपला (B. R. Sampla) द्वारा लिखित पुस्तक “पूना पैक्ट” (Poona Pact) आधुनिक भारतीय इतिहास और दलित आंदोलन के एक अत्यंत महत्वपूर्ण तथा निर्णायक घटनाक्रम का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है। सम्यक प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक 24 सितंबर 1932 को डॉ. बी. आर. आंबेडकर और महात्मा गांधी (तथा अन्य हिंदू नेताओं) के बीच हुए समझौते के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालती है।
पुस्तक का मुख्य विषय एवं विवरण
कम्युनल अवॉर्ड (Communal Award) और पृष्ठभूमि:
पुस्तक में 1932 के ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैमसे मैकडोनाल्ड द्वारा दिए गए ‘कम्युनल अवॉर्ड’ की पृष्ठभूमि को समझाया गया है, जिसके तहत अछूतों/दलितों को पृथक निर्वाचन (Separate Electorate) का अधिकार मिला था।
लेखक ने स्पष्ट किया है कि डॉ. आंबेडकर किस प्रकार दलितों के राजनीतिक व सामाजिक अधिकारों के लिए पृथक निर्वाचन को आवश्यक मानते थे।
गांधी जी का आमरण अनशन:
जब गांधी जी ने यरवदा जेल में पृथक निर्वाचन के विरोध में आमरण अनशन शुरू किया, तो उससे उत्पन्न देशव्यापी राजनीतिक दबाव और परिस्थितियों का विस्तृत विवरण पुस्तक में दर्ज है।
पुस्तक में पूना पैक्ट के कारण पृथक निर्वाचन के बदले आरक्षित सीटों (Reserved Seats) की व्यवस्था स्वीकार करने के निर्णय का विश्लेषण किया गया है।
बी. आर. सांपला जी ने इस बात का निष्पक्ष मूल्यांकन किया है कि इस समझौते ने दलित समाज के स्वतंत्र राजनीतिक प्रतिनिधित्व को किस तरह प्रभावित किया और इसके दीर्घकालिक सामाजिक व राजनीतिक परिणाम क्या रहे।
लेखक ने पुस्तक में उस समय के पत्रों, संवादों, बैठकों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को शामिल किया है, जिससे पाठकों को उस दौर के घटनाक्रम को मूल रूप में समझने में मदद मिलती है।






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