Description
प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद सिंह द्वारा लिखित पुस्तक “खोए हुए बुद्ध की खोज” भारतीय इतिहास, पुरातत्व और संस्कृति के पुनर्मूल्यांकन पर आधारित एक चर्चित रचना है।
मूल विषयवस्तु: इस पुस्तक में लेखक ने भारत में बौद्ध धर्म के इतिहास, उसके पतन के कारणों और इतिहास के पन्नों में ओझल हुए बौद्ध धरोहरों तथा प्रतीकों को उजागर करने का प्रयास किया है।
इतिहास और पुरातत्व: लेखक का तर्क है कि भारत के कई सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक प्रतीकों व स्थलों का मूल संबंध बौद्ध परंपरा से रहा है, जिन्हें समय के साथ नए रूप में ढाल दिया गया।
शोधपरक दृष्टिकोण: पुस्तक में प्राचीन ग्रंथों, शिलालेखों और पुरातात्विक अवशेषों के हवाले से बौद्ध संस्कृति के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया गया है।






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