Description
भाषाविद् और बहुजन इतिहास-दृष्टि के विचारक डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह की पुस्तक “इतिहास का मुआयना” भारतीय इतिहास के प्रचलित ढांचों और व्याख्याओं पर सवाल उठाने वाली एक महत्त्वपूर्ण कृति है।
यह कोई पारंपरिक, कालक्रमानुसार लिखा गया इतिहास-ग्रंथ नहीं है, बल्कि समय-समय पर इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर की गई टिप्पणियों, शोध और विचारों का संग्रह है। इसमें इतिहास में छूट गए या उपेक्षित रहे तथ्यों और गुमनाम पन्नों का “मुआयना” (अवलोकन) किया गया है।
यह पुस्तक शोधार्थियों और पाठकों को इतिहास को एक रूढ़िवादी नज़रिए से हटकर स्वतंत्र, भाषावैज्ञानिक और तर्कसंगत दृष्टिकोण से देखने का आग्रह करती है।






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