Description
रामेश्वर दयाल जी द्वारा लिखित पुस्तक “गौतम बुद्ध: मानवता का उत्कर्ष” भगवान बुद्ध के जीवन, उनके विचारों और सामाजिक क्रांति पर प्रकाश डालती है।
* मानवतावादी दृष्टिकोण: इस पुस्तक में बुद्ध के दर्शन को केवल एक धार्मिक मत के रूप में देखने के बजाय, मानवता, करुणा और समानता के प्रकाश स्तंभ के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
* सामाजिक क्रांति और समानता: बुद्ध ने किस प्रकार समकालीन सामाजिक असमानताओं, वर्ण व्यवस्था और अंधविश्वासों को चुनौती देकर एक समतामूलक समाज की नींव रखी, इसका विशद वर्णन मिलता है।
* नैतिक एवं व्यावहारिक शिक्षाएँ: पुस्तक अष्टांगिक मार्ग, चार आर्य सत्य, प्रज्ञा (ज्ञान), शील (सदाचार) और करुणा के व्यावहारिक पहलुओं को सहजता से समझाती है।
* वैज्ञानिक व तार्किक विचार: बुद्ध के “अप्प दीपो भव” (अपने दीपक स्वयं बनो) और तर्कशीलता के संदेश को आधुनिक संदर्भ में रेखांकित किया गया है।






Reviews
There are no reviews yet.