Description
महापंडित राहुल सांकृत्यायन (9 अप्रैल 1893 – 14 अप्रैल 1963) हिंदी साहित्य, बौद्ध दर्शन, इतिहास और यात्रा-वृत्तांत के महापंडित एवं असाधारण विद्वान थे। उन्हें ‘हिंदी यात्रा साहित्य का पितामह’ माना जाता है। वे 36 से अधिक भाषाओं के ज्ञाता थे और बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।
उनका जन्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पंदहा गांव में हुआ था। उनके बचपन का नाम केदारनाथ पांडे था।
वे बचपन से ही जिज्ञासु प्रवृत्ति के थे। पहले वे आर्य समाज से जुड़े और उनका नाम ‘रामोदर स्वामी’ पड़ा। बाद में श्रीलंका जाकर उन्होंने बौद्ध धर्म की दीक्षा ली और पाली, प्राकृत एवं तिब्बती ग्रंथों का गहन अध्ययन किया, जिसके बाद वे राहुल सांकृत्यायन कहलाए।






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