Description
नवल किशोर द्वारा लिखित पुस्तक “सामाजिक न्याय की जमीनी दास्तान” भारतीय समाज में हाशिए पर मौजूद वर्गों (जैसे दलित, पिछड़ा वर्ग और वंचित समुदाय) के अधिकारों, उनके संघर्षों और सामाजिक न्याय की वास्तविक परिस्थितियों पर प्रकाश डालती है।
पुस्तक के मुख्य बिंदु एवं विषय-वस्तु:
सामाजिक न्याय की धरातली सच्चाई: यह पुस्तक केवल सैद्धांतिक बातों तक सीमित न रहकर ज़मीनी स्तर पर सामाजिक न्याय, जातिगत असमानता और अधिकारों की स्थिति का विश्लेषण करती है।
अधिकार और संघर्ष: इसमें वंचित समुदायों के दैनिक जीवन में होने वाले भेदभाव, उनके आत्मसम्मान के आंदोलनों और राजनीतिक व सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिए किए गए संघर्षों को रेखांकित किया गया है।
संवैधानिक प्रावधान एवं वास्तविकता: संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों (जैसे आरक्षण, समानता और सुरक्षा) का ज़मीनी स्तर पर कितना क्रियान्वयन हुआ है और क्या चुनौतियाँ हैं, इस पर प्रकाश डाला गया है।
जाति, सत्ता और समाज: भारतीय समाज में जातिगत पदानुक्रम और सत्ता संरचनाएँ किस प्रकार सामाजिक न्याय के मार्ग में बाधा बनती हैं, इसका सूक्ष्म अवलोकन प्रस्तुत किया गया है।






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