Description
‘द गॉस्पेल ऑफ बुद्ध’ (The Gospel of Buddha) प्रसिद्ध अमरीकी-जर्मन लेखक और दार्शनिक पॉल कारस (Paul Carus) द्वारा 1894 में लिखी गई एक अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक है। भारत में इसका हिंदी अनुवाद ‘बुद्ध की वाणी’ शीर्षक से व्यापक रूप से जाना जाता है
यह पुस्तक बौद्ध दर्शन और भगवान बुद्ध के जीवन चरित्र को पश्चिमी एवं आधुनिक पाठकों तक सरल रूप में पहुँचाने के लिए रची गई थी। पॉल कारस स्वयं बौद्ध धर्म के बहुत बड़े समर्थक और अध्येता थे, और उन्होंने पाली तथा संस्कृत बौद्ध ग्रंथों से मुख्य प्रसङ्गों को संकलित करके इस पुस्तक का ढाँचा तैयार किया था।
पॉल कारस ने इस पुस्तक का नाम और संरचना ईसाई ‘गॉस्पेल’ (सुसमाचार) की तर्ज पर रखी थी, ताकि पश्चिमी जगत बुद्ध के विचारों को आसानी से समझ सके।
बुद्ध की वाणी’ (द गॉस्पेल ऑफ बुद्ध) बुद्ध के जीवन, करुणा और प्रज्ञा का एक ऐसा समग्र और सुंदर सार-संग्रह है, जो पाठक को शांति, विवेक और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।






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