Description
प्रोफेसर पोकिर्ला लक्ष्मी नरसू (P. Lakshmi Narasu) द्वारा लिखित “द एसेंस ऑफ बुद्धिज्म” (The Essence of Buddhism) बौद्ध दर्शन पर रचित एक ऐतिहासिक और प्रभावशाली कृति है, जिसे पहली बार 1907 में प्रकाशित किया गया था।
प्रो. लक्ष्मी नरसू (जो स्वयं भौतिकी और रसायन विज्ञान के प्रोफेसर थे) ने बौद्ध धर्म की व्याख्या अंधविश्वास या कर्मकांड के रूप में नहीं, बल्कि तर्क, विज्ञान और नैतिकता के धरातल पर की है।
यह पुस्तक जाति व्यवस्था, विषमता और सामाजिक भेदभाव का खंडन करते हुए बौद्ध धर्म को बंधुत्व और समानता का प्रतीक मानती है।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इस पुस्तक और इसके लेखक के विचारों से गहराई से प्रभावित थे। उन्होंने 1948 में इस पुस्तक को पुनः प्रकाशित करवाया था और इसकी भूमिका (Preface) में इसे बौद्ध धर्म पर लिखी गई सबसे श्रेष्ठ कृतियों में से एक बताया था।
इस पुस्तक में.
भगवान बुद्ध का जीवन चरित्र और उनके समकालीन सामाजिक सुधार।
चार आर्य सत्य, अष्टांगिक मार्ग और शील का व्यावहारिक जीवन में महत्व।
बौद्ध दर्शन के मूलभूत सिद्धांतों (कर्म, पुनर्जन्म और आत्मा से जुड़े विचार) की वैज्ञानिक व्याख्या।
शिक्षा, कला, और जाति-मुक्त समाज के निर्माण में बौद्ध धर्म का योगदान जैसे माहिती उपलब्ध है।






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