Description
महापंडित राहुल सांकृत्यायन द्वारा रचित ‘वोल्गा से गंगा’ हिंदी साहित्य का एक कालजयी और ऐतिहासिक कहानी-संग्रह है। इसमें 20 ऐतिहासिक कहानियों के माध्यम से मानव समाज के विकास, सामाजिक संरचनाओं के बदलाव और विचारधाराओं के क्रमिक इतिहास को दर्शाया गया है।
ऐतिहासिक विस्तार: यह पुस्तक लगभग 6000 ईसा पूर्व (6000 BCE) से लेकर 1942 ईस्वी तक के मानव इतिहास को समेटती है।
भौगोलिक एवं सांस्कृतिक यात्रा: कहानियों की शुरुआत मध्य एशिया की वोल्गा नदी (रूस) के तटों से होती है, जहां से आर्यों के प्रवास और अंततः भारत में गंगा के मैदानों तक बसने की यात्रा दिखाई गई है।
मातृसत्तात्मक से पितृसत्तात्मक समाज: शुरुआती कहानियों (जैसे निशा, दिवा) में मातृसत्तात्मक समाज का चित्रण है।
कबीलाई जीवन से राज्य-निर्माण: धीरे-धीरे कबीलों के बनने, युद्धों, दास-प्रथा, और निजी संपत्ति की अवधारणा के उदय को दिखाया गया है।
धर्म और दर्शन: वैदिक काल, बौद्ध काल, गुप्त काल, मुग़ल काल और अंततः ब्रिटिश शासन विरोधी स्वाधीनता संग्राम तक का सफर चित्रित है।






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